कीटो डाइट चार्ट, फायदे और नुकसान।keto diet in hindi

Keto diet in hindi
Keto diet in hindi
 दोस्तों यदि आप किसी से भी पूछेंगे की मैं वजन कम करने के लिए क्या करूँ तो अधिकतर लोग यही कहेंगे कि फैट खाना कम कर दीजिए और खाना कम खाइये और खूब एक्सरसाइज करिये।लेकिन एक ऐसा भी डाइइट है जिसका नाम कीटो डाइट लेकिन इसमें फैट खाने की बिल्कुल भी मनाही नहीं है

कीटो डाइट में आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे । इसके साथ ही कीटो डाइट चार्ट और इसके आहार के बारे में भी जानकारी मिलेगी । चूंकि कीटो डाइट थोड़ा सा रिस्की है इसलिए डॉक्टर से मिलना भी जरूरी होता है । 

क्या है कीटो डाइट।what is keto diet in Hindi

कीटो डाइट वजन कम करने के लिए अपनाया जाने वाला एक डाइट प्लान है जिसमें आपको फैट बहुत ही अधिक मात्रा में खाना होता है और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ही कम करनी पड़ती है ।इसमें प्रोटीन और अन्य चीजें संतुलित मात्रा में खानी होती है। इस तरह का डाइट प्लान करने पर हमारे शरीर में बहुत सारे कीटोन बनते हैं इसलिए इसे कीटो डाइट कहते हैं।   

Keto diet का पूरा नाम ketogenic diet है।अभी तक आपने अधिकतर डाइट में देखा होगा की carbohydrate और फैट कम किया जाता था लेकिन इस डाइट में बिलकुल उल्टा है।चलिए जानते हैं कीटो डाइट में डाइट प्लान कैसा होता है और किसको कितना खाया जाता है।   

carbohydrate:इस डाइट में आपको कार्बोहायड्रेट की मात्रा बहुत अधिक कम कर देनी है।इसमें आपको सिर्फ 5%ही कार्बोहायड्रेट खाना है।

Protein:     इस डाइट में प्रोटीन की मात्रा न तो घटानी है और न ही बढ़ानी है।जितना बैलेंस डाइट में प्रोटीन खाना होता है उतना ही खाना है।यानि 1 से 1.5gm/kg body weight प्रतिदिन प्रोटीन खाने में होना चाहिए।

Fat:     यदि फैट की बात करे तो अभी तक की सारी डाइट में कम फैट खाना होता था लेकिन कीटो डाइट में ठीक उसका उल्टा करना है। आपको फैट अधिक खाना।वो भी थोड़ा सा नही पुरे 70% कैलोरी आपको फैट से लेनी है।सुनने में थोड़ा उल्टा लग रहा होगा लेकिन यही सही है।


शरीर में कीटो डाइट प्लान में क्या बदलाव होते हैं।effect of keto diet plan in hindi

जब आप ये डाइट शुरू करते है तो सबसे पहला असर carbohydrate कम खाने की वजह से होता है।आपके शरीर में ग्लुकोस की कमी होने लगती है जिसे पूरा करने के लिए हमारा शरीर सबसे पहले liver में जमा glycogen को ब्रेक कटके ग्लूकोस बनाता है।और जब ये पूरा ख़त्म हो जायेगा तो ये प्रोटीन को ब्रेकडाउन करेगी ग्लूकोस बनाने के लिए।इसलिए प्रोटीन खाना जरूरी है।इस प्रोटीन को ब्रेकडाउन करके ऊर्जा बनाने में काफी अधिक ऊर्जा खर्च होती है।
आपको बता दे की शरीर में हो रहे हर काम में ऊर्जा खर्च होती है,चाहे वो खाना पचाना हो या अन्य कोई भी काम।और जब आप कीटो डाइट शुरू करते है तो शुरू के दिनों ये प्रोटीन का ब्रेकडाउन काफी तेज होता है और इसकी वजह से जल्द ही काफी वजन घट जाता है।धीरे धीरे ये प्रक्रिया कम होने लगती है और फैट से ग्लूकोस बनने की प्रकिया तेज हो जाती है।जब फैट का ब्रेकडाउन होकर ग्लुकोस बनता है तब एक byproduct बनता है ketone और ये शरीर में इकट्ठा होता है।इसलिए इसका नाम keto diet रखा गया है।
ये keton सामान्य मात्रा में तो ठीक हैं लेंकिन यदि एक निश्चित मात्रा से ऊपर जाये तो नुक्सान करते हैं।लेकिन ऐसा देखा गया है कि यदि आप सही तरीके से कीटो डाइट करते हैं तो आपका keton लेवल सामान्य बना रहता है।


कीटो डाइट कितने तरीके से वजन कम करता है।

कीटो डाइट वजन कम करने में काफी कारगर तरीका है।इससे 10 दिन में वेट लॉस का असर दिखने लगेगा।

1.डाइट में कम कार्ब्स होने की वजह से: इस डाइट में कार्बोहायड्रेट की मात्रा बहुत कम कर दी जाती है जिसका सीधा असर वजन कम करने का का होता है।

2.प्रोटीन के ब्रेकडाउन होने से : इस डाइट के शुरू में  आपकी बॉडी में स्टोर्ड ग्लाइकोजन इस्तेमाल होता है लेकिन जैसे ही ये ख़तम होता है प्रोटीन का ब्रेकडाउन सुरु होता है और इस ब्रेकडाउन के लिए काफी ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है जिससे शरीर के और टिश्यू का ब्रेकडाउन होता है और वजन कम होता है।

3.प्रोटीन खाने से भूख कम लगना: ऐसा देखा गया है कि कार्ब्स की तुलना में प्रोटीन भूख को अधिक सान्त करते हैं और ज्यादा देर तक पेट भरे होने का एहसास दिलाते है जिससे व्यक्ति कम खाना खाता है।

4.केटोन्स की वजह से: इस डाइट के दौरान अधिक मात्रा में केटोन्स बनते है और ये केटोन्स भूख को कम करते है।

5.फैट के तेज ब्रेकडाउन होने से: इस डाइट में अधिक keton बनने की वजह से फैट का ब्रेकडाउन तेज हो जाता है जो हमें अनचाहे फैट से छुटकारा दिलाता है।

6.मेटाबोलिज्म बढ़ने से: इस डाइट में जब शरीर को ग्लूकोस नही मिलता तो तेजी से फैट ब्रेकडाउन करने ग्लूकोस बनाता है और इसके लिए तेज मेटाबोलिज्म की जरूरत होती है जो शरीर अपने से बढ़ा देता है।



Ketogenic डाइट के अन्य लाभ।keto diet plan hindi benefits

1.आपके शरीर और मन दोनों को सक्रिय रखता है-इस डाइट के शुरुआत में हो सकता है कि आपको थकान लगे लेकिन लेकिन जैसे ही कुछ दिन बीतते है तो आपका शरीर काफी एक्टिव हो जाता है।क्योंकि जब आप कार्ब्स कम खाते है तो आपके शरीर को फैट ब्रेक करके ग्लूकोस बनाना पड़ता और इस प्रक्रिया में काफी ऊर्जा और सक्रियता की जरूरत होती इसलिए इस समय शरीर का हर हिस्सा काफी एक्टिव होकर काम करता है।

2.बैड कोलेस्ट्रोल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है: keto डाइट में हाई फैट खाने की वजह से फैट की पूर्ति हो जाती है और शरीर को अलग से फैट बनाने की जरूरत नही पड़ती इसलिए अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ती है और bad कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।

3.शुगर का स्तर कम होता है :जब आप शुगर खाएंगे ही नही तो बढ़ेगा कहा से।इस डाइट में तो आपको कार्ब्स काफी कम खाना होता है तो इसलिए आपका शुगर कम हो होता है और इसे नियंत्रित करना आसान हो जाता है लेकिन इसका मतलब ये नही की आप अपनी मर्जी शुगर की दवा लेना ही बंद कर दें।इसके लिये आपको डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

4.फैटी लिवर में फायदा हो सकता है: आपको पता होगा की फैटी लिवर में ,लिवर में फैट जमा हो जाता है।और इस डाइट में शुरू में जब शरीर को कार्ब्स नही मिलते तो पहले वह शरीर में स्टोर्ड एनर्जी को इस्तेमाल करता है।तो इस बात के चान्सेस अधिक हैं कि ये डाइट करने से  फैटी लिवर में भी जब शरीर को ऊर्जा न मिले तब उसे बर्न करके इस्तेमाल कर ले।और आपका फैटी लिवर ठीक हो लेकिन इसके बारे में पक्की जानकारी नही है।

5.ब्लड प्रेसर को कम करता है: यह डाइट triglyceride, और cholestrol को कम करता है जो धमनियों के लिए अच्छा होता है।और इस तरह से ब्लड प्रेशर कम करता है।लेकिन यदि पहले से ही आपका ब्लड प्रेसर कम रहता है तो ये डाइट करने से पहले डॉक्टर से जरूर मिलें।



कीटो डाइट के नुक्सान।side effect of keto diet

1.कब्ज: कीटो डाइट में आपको कार्ब्स कम खाना होता है जिसकी वजह से फाइबर वाली चीजे भी कम खानी होती है  और इसकी कमी  से आपको कब्ज की समस्या हो सकती है।इससे बचने के लिये आप इसबगोल का इस्तेमाल कर सकते है।

2.शुरू के दिनों में आलस आना: इस डाइट के शुरुआत में आपको सुस्ती और आलस आ सकती है।क्योंकि आप कार्ब्स नही खाएंगे तो आपके शरीर में ऊर्जा की कमी होगी लेकिन जैसे आपका शरीर फैट से ग्लूकोस बनाने की प्रक्रिया को तेज करेगा तो आप फिर से सक्रिय हो हो जायेंगे।

3.शुगर की दवा ले रहे लोगो का शुगर कम हो सकता है:इस डाइट में शुगर का स्तर तो गिरता ही है लेकिन जो लोग कोई दवा नही ले रहे उनके लिए कोई दिक्कत नही लेकिन जो लोग शुगर की दवा ले रहे होते हैं उन्हें एक बार डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

4.कीटो डाइट बन्द करने पर आपका ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है:जब आप कीटो डाइट पर होते है तो आपका कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर कम हो जाता है लेकिन जैसे ही आप नार्मल डाइट पर आते है तो इनके बढ़ने के चांस बढ़ जाते हैं ।लेकिन ऐसा जरूरी नही ह की ये बढ़े ही।

5.कीटो डाइट बन्द करने पर आपका शुगर बढ़ सकता है : जब आप कीटो डाइट पर होते है तो शुगर की कमी की वजह से आपका शरीर ग्लूकोस को बड़ी तेजी से इस्तेमाल करता है लेकिन जैसे ही पर्याप्त ग्लूकोस मिलेगा तो हो सकता है कि आपका शुगर बढ़ जाये,लेकिन ऐसा अधिकतर उन लोगो के साथ हो सकता जो काफी ज्यादा दिनों तक कीटो डाइट पर रहते हैं।

6.कीटो डाइट छोड़ने परआपका वजन  और तेज बढ़ सकता है:हर डाइट की तरह इस डाइट में भी ऐसा हो सकता है कि आपका वजन और तेजी से बढ़े लेकिन इससे बचा जा सकता ।इससे बचने के लिए आप meditrainean डाइट फॉलो कर सकते हैं।

क्या होता है जब आप फिर से नार्मल डाइट पर आते हैं।
Keto diet in hindi
Keto diet in hindi

काफी समय से कम कार्ब्स खाने की वजह आपकी बॉडी में ग्लूकोस सेंसटिविटी हो जाती है यानि आपकी बॉडी ग्लूकोस को बहुत अच्छी तरह से इस्तेमाल करती है।जिसकी वजह से जैसे ही आप नार्मल डाइट पर आते है आपका वजन फिर से बढ़ने लगता है लेकिन आप इससे बच सकते हैं।

कीटो डाइट बन्द करने के बाद वजन बढ़ने से बचने के लिए क्या करें:

जब आप कीटो डाइट बन्द करके नार्मल डाइट पर आते हैं तो आपके वजन बढ़ने के चांस अधिक होते हैं।लेकिन इसे रोक जा सकता है।इसे रोकने के लिए आपको कीटो डाइट बन्द करने के बाद meditrainean डाइट करना चाहिए ।और अच्छा ये होगा की कीटो डाइट लम्बे समय  तक करने की बजाय   उसी को बिच में ब्रेक करके दो बार किया जाये।meditrainean डाइट  में आपको  सलाद और सब्जियां खूब बढ़ानी होती हैं और बाकि सब नॉर्मल खाना होता है।

डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी है
Keto diet in hindi
Keto diet in hindi

इस आर्टिकल में आपको अभी तक ये पता चल चुका होगा की इस डाइट के दौरान शरीर  में अधिक मात्रा में केटोन्स बनते है हालांकि यदि ये डाइट यदी सही से की जाये तो ये ketons नार्मल वैल्यू से ऊपर नही जाते लेकिन यदि आपने कोई गलती की तो क्या होगा उसके बारे में कुछ कहा  नही जा सकता।आपको शायद भारी नुकसान हो सकता है या आपको वो रिजल्ट न मिले जो आप चाहते थे। 
आपको ये भी पता होगा की इस डाइट के दौरान शुगर और ब्लड presure भी कम हो जाता है लेकिन जैसे ही आप ये डाइट बन्द करके नार्मल डाइट पर आते हैं ये फिर से बढ़ने लगते हैं।तो इन्हें नियंत्रित रखना काफी जरूरी है जिसके लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेना बिलकुल आवश्यक है।

अधिकतर डाइट प्लान में देखा गया है कि डाइट प्लान ख़त्म करने के बाद जब आप वापस नार्मल डाइट प्लान पर आते हैं तो आपका वजन फिर से बढ़ने लगता है। लेकिन इस डाइट प्लान में ऐसा होने से रोका जा सकता है जिसकी सही जानकारी आपको डॉक्टर से मिलेगी क्योंकि हर व्यक्ति एक जैसा नही होता की एक डाइट प्लान बता दिया जाये और वो सबके लिए एक जैसा काम करे हो सकता है कि वो कुछ लोगो को नुक्सान कर दे।

रिसर्च में ऐसा देखा गया है कि यदि कोई बहुत अधिक दिनों (एक साल से ज्यादा )तक कीटो डाइट पर रहे तो उनके pancrease में जो अल्फा और बिटा सेल्स होते हैं जो इन्सुलिन बनाते हैं वो इनएक्टिव हो जाते क्योंकि अधिक दिनों तक बिना ग्लूकोस के रहने से शरीर को आदत हो जाती है । इसलिए हर व्यक्ति को इस तरह का डाइट प्लान अपनाने से पहले डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

कीटो डाइट कितने समय तक करना चाहिए:

कीटो डाइट कम से कम 2से 3 हफ्ते करने चाहिए यदि आप इसे बढ़ाना चाहते है तो 6 से 12 महीने तक कर सकते हैं लेकिन डॉक्टर की सलाह पर क्योंकि लम्बे समय तक कीटो डाइट करने पर ऐसा हो सकता है कि आपके pancrease के alpha और बीटा सेल्स जो इन्सुलिन बनाते है वो निष्क्रिय हो जाएं तो आपको परेशानी हो सकती है।इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

शुगर में होने वाला ketosis नुकसानदायक होता है लेकिन कीटो डाइट में नही ऐसा क्यों?

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डायबिटीज में केटोन्स की मात्रा सामान्य से काफी ऊपर चली जाती है लेकिन कीटो डाइट में ऐसा नही होता है इसलिए इसमें बनने वाले कीटोन नुक्सान नही पहुचाते।


Keto diet vs gm diet plan

दोस्तों आपको gm डाइट प्लान के बारे में तो पता ही होगा यदि नही पता तो नीचे लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
Gm डाइट सात दिनों का होता है जिसमे फैट,कार्ब्स और प्रोटीन सभी लो कर दिया जाता है और नमक भी कम खाना होता है और इसमें काफी तेज वजन घटता है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए क्लिक करें।
और यदि कीटो कीटो डाइट की बात करे तो इसमें सिर्फ कार्ब्स कम खाना होता है और फैट ज्यादा।प्रोटीन जितना  सामान्यतः लेना चाहिए उतना रहता है।इसमें भी तेजी से वजन घटता है। लेकिन यदि दोनों की तुलना करें तो कौन सा डाइट बेहतर होगा?
Gm डाइट में जो वजन घटता है वो शरीर के सभी अंग से घटता है।चूँकि उसमे शरीर में भूखमरी जैसी स्थिति पैदा हो जाती है इसलिए हमारे muscles भी बर्न हो जाते हैं जो नही होना चाहिए और शरीर को कई तरह के नुक्सान भी होते हैं।और फिर से नार्मल डाइट सुरु करने पर वजन तुरंत बढ़ जाता है क्योंकि कुछ तो पानी की कमी से वजन घट जाता है जो इलेक्ट्रोलाइट disbalance होने की वजह से होता है ।और जैसे ही नॉर्मल डाइट लेते है तो पानी वापस शरीर में भरता है और वजन बढ़ जाता है। लेकिन कीटो डाइट में ऐसा नही होता इसमें कार्ब्स नही मिलने की वजह से हमारा शरीर जो फैट हम खा रहे होते हैं उससे ग्लूकोस बनाता है और इसमें काफी ऊर्जा खर्च होती है जो वजन घटाने में काम करती है।यदि इसे ठीक तरीके से डॉक्टर की निगरानी में किया जाये तो इसके सारे नुक्सान से बचा जा सकता है।और वापस नार्मल डाइट पर आने पर वजन बढ़ने से भी बचा जा सकता है।

आसान तरीके से वजन कम करने के लिए इसे पढें-आसानी से वजन घटाने के उपाय


कीटो डाइट लिस्ट।keto diet food list in hindi

वैसे तो खाने के बहुत कुछ है लेकिन एक छोटी सी लिस्ट नीचे दी गई है।जो आपको थोड़ा सा मदद करेगी।
सीफूड
कम-कार्ब वाली सब्जियां
चीज़
मीट
अंडे
दूध
दही
मख्न
नट्स
घी
मूंगफली

अपने डॉक्टर से मिलकर अपना स्वास्थ्य सुनिश्चित करे।

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