पेट कम करने के लिए योग आसन और प्राणायाम |weight loss yoga in hindi


आज के समय में योग के फायदों के बारे में बताने की जरूरत नहीं क्यूंकि आप पहले से ही योग के बारे में जानते है फिर भी आपको बता दे की योग से कई बीमारियों में फायदा होता है जैसे,दिल की धड़कन,ब्लड प्रेशर,तनाव,चिंता,दिमाग की बीमारियां आदि|इससे मन भी शांत और स्थिर होता है|
Pet kam karne ka yoga
Pet kam karne ka yoga


ये सभी फायदे रिसर्च से सिद्ध हो चुके है|आप सोच रहे होंगे की इतने फायदे तो है लेकिन योग से पेट की चर्बी कम कैसे होगी|चलिए इसके बारे मे भी बात कर लेते हैं|आपकी जानकारी के लिए फिर से बता दे की मोटापा और वजन कम करने के लिए सबसे जरूरी बात ये है की आप अपनी जरूरत से थोड़ा सा कम खाएं|

उदाहरण के लिए यदि आप की जरूरत 2000कैलोरी प्रतिदिन की है तो 1500से 1800 के  बीच में खाएं इससे आपके शरीर मे जो कमी होगी उसको पूरा करने के लिए आपके शरीर से चर्बी गलेगी और वजन कम होगा|अगर आप खाने में ऐसा बदलाव नहीं रखेंगे तो आपका वजन कम नहीं होगा चाहे आप कोई भी व्यायाम या योग कर लें|

ध्यान रखें की योग से पहले से बढ़ी हुई चर्बी कम होने मे ज्यादा समय लगेगा लेकिन इसे करने से नया चर्बी नहीं बनेगा और ये इसकी सबसे खास बात है क्यूंकी जब नया चर्बी नहीं बनेगा तो आपको सिर्फ पहले से जमा चर्बी को ही गलाने के लिए प्रयास करना होगा। 

योग से पेट की चर्बी कैसे कम होगी |Pet ki charbi kam karne ke liye yoga 

योग से पेट की चर्बी कम करने के तरीके के बारे मे जानने से पहले एक बार पेट की चर्बी बढ़ने के कारण पर ध्यान देते हैं| शायद आपको पता हो की तनाव मोटापा बढ़ाने का एक बड़ा कारण है।यदि आप नियमित योग करते है तो तनाव कम होगा और जो आपका पेट तनाव से बढ़ रहा था वो रुक जायेगा |

 योग करते समय आपके शरीर से जो ऊर्जा खर्च होगी वो तो होगी ही साथ ही आप दिन भर फुर्तीला महसूस करेंगे जिससे आप ज्यादा काम करेंगे और ऐसे में आपके पेट की चर्बी योग से कम हो जाएगी|तो इन तीन रास्तो से आपके पेट की चर्बी कम होगी,पहला- तनाव कम होने से,दूसरा -योग करते समय ऊर्जा खर्च होने से,तीसरा - शरीर फुर्तीला होने से अधिक काम करने से |

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पेट कम करने के योग आसन और प्राणायामYoga for weight loss in hindi 

अब आपको पतला होने के लिए योग के बारे में बताएंगे जो काफी आसान होंगे और आप जल्दी ही सीख जायेंगे|इसमें योग के स्टेप्स के साथ इमेज भी दिया गया है|लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें की कोई भी योगासन करते समय जोर न लगाएं और अपने सामर्थ्य अनुसार ही योग करें।यदि आपको किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या है तो आप योग करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर या योग शिक्षक से सलाह लें।  

  1. कपालभाति प्राणायाम
    पेट कम करने का योग
    कपालभाती 

यह नाक और फेफड़े के साथ-साथ गले की गंदगी को दूर करता है,और साथ ही पेट के सभी भागों का मसाज भी करता है।यह बहुत ही सरल प्राणायाम है लेकिन फिर भी दिल और  सांस के रोगी इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

करने का तरीका 
    1. इसे करने के लिए भूमि पर आसन बिछाकर चित्र में दिखाये गए आसन में बैठ जाये और अपने पुरे शरीर को ढीला कर ले|
    2. अब एक गहरी सांस अंदर भरे और याद रखे की हर round को शुरू करने से पहले 1 गहरी सांस लेनी है.
    3. सांस अंदर भर जाने के बाद पेट पर हल्का सा झटका देकर पेट अंदर करते हुए सांस बाहर छोड़े|इस तरह से सांस छोड़ने की क्रिया को बार बार करे|इसमे आपको सांस अंदर नहीं भरना है,सिर्फ बाहर छोड़ना है|जब आप सांस बाहर छोड़ेंगे तो अंदर अपने से भरेगा |
    4. सांस बाहर निकालते समय फेफडों पर जोर देने की बजाए पेट पर देना होगा,ऐसा लगना चाहिए की सांस पेट से निकल रहा है|जितनी बार सांस बाहर छोड़े उसे गिनते जाये और शुरुआत में इस गिनती के अनुसार 30 बार करें और फिर थोड़ा सा रुकें और फिर से करें|धीरे धीरे यह प्रक्रिया दोहराये और तेज करते जाये |
  1. अनुलोम विलोम प्राणायाम
    इससे पेट की चर्बी कम करने का सीधा सम्बन्ध तो  नहीं  है  लेकिन फिर भी इसे करने से आपकी सांस  भरने की  क्षमता बढ़ेगी  और आप स्फूर्ति  से  काम कर पाएंगे और तनाव कम होगा तो पेट की चर्बी भी कम बढ़ेगी।

    करने का तरीका
    1.  इसे करने के लिए आप  उसी आसन में बैठ जाये  जिसमे आप कपालभाति में  थे | 
    2. अब अपने दाहिने हाथ के अंगूठे  से दाहिने नाक को  बंद कर  दे और बाकी ऊँगली को सीधा रखे | 
    3.  अब बाये नाक से धीरे धीरे सांस भरे ,और पूरा सांस भर जाने के बाद अपने दाये  हाथ की अंगूठे के पास की दो उंगलियों से बाये नाक को बंद करे और अंगूठा हटाकर दाहिने नाक को खोले और भरे हुए सांस को धीरे धीरे बहार निकाले |
    4.  अब दाहिने नाक से  फिर सांस भरे और उसके बाद नाक को अंगूठे से बंद करके बाये नाक को खोले  और  सांस  छोड़े| इसी क्रिया को 5 मिनट  दोहराये | बाद मे आप इसे और अधिक समय तक कर सकते है |
  2. नौकासन
    यह थोड़ा सा कठिन है लेकिन धीरे धीरे कोशिश करने पर आप इसे कर पाएंगे | इस आसन  का सीधा असर पेट के निचले हिस्से पर पड़ता है जहां  पर मोटापा अधिक होता है | इस आसन मे हमारा  पूरा शरीर नाव के आकार  मे हो जाता है इसलिए इसे नौकासन कहा जाता है| इंग्लिश मे इसे बोट पोस कहते है |और  यह पेट कम करने के लिए अति उत्तम है। 

    करने का तरीका 
    1. जमीन पर सीधा लेट  जाए और अपने दोनों पैर आगे की तरफ सीधा फैला ले |दोनों हाथ जांघ के बगल मे रखें |
    2. इसके बाद अपने दोनों पैर और हाथ  धीरे धीरे ऊपर उठाए और अपने गर्दन की तरफ से भी  अपने शरीर को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश  करे,और जितना हो सके गर्दन को उतनी ऊंचाई तक ले जाएं। 
    3. ऐसा करने पर आपका शरीर नाव के आकार जैसा हो जाएगा| इस अवस्था में आपके दोनों हाथ सीधे और जमीन की सिधाई पर होंगे। और पैर तिरछे आसमान की तरफ होगा।  नाभि पर खिचाव महसूस होगा |सांस लेते हुए कुछ देर इसी आसन मे बने रहें| 
    4. इसके बाद सांस छोड़ते हुए जमीन पर लेट जाए और कुछ देर आराम करें | उसके बाद फिर से इसे दोहराए |

      अपने क्षमता अनुसार ही शरीर को मोड़े जबरदस्ती न करें ,क्योंकि यह थोड़ा स कठिन है । 
     
  3. त्रिकोणासन
    इस आसन मे आपका शरीर त्रिकोण के आकार मे आ जाता है,इसलिए इसका नाम त्रिकोणासन है। इसे करने से पेट के सभी भागों मे खिंचाव होता है और पाचन शक्ति भी अच्छी होती है।पेट कम करने के लिए यह योग बहुत ही उपयोगी है।ध्यान रखें की यह थोड़ा सा कठिन आसन है इसलिए ज्यादा जोर न लगाएं।
     
    करने की विधि 
    1. सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं,और अपने दोनों पैरों के बीच चित्र मे दिखाए अनुसार उपयुक्त दूरी बना कर रखें,और अपने दोनों हाथ के पंजों को अपने जांघ से सटा कर रखें । 
    2. अब सांस अंदर भरते हुए अपने दाहिने हाथ को ऊपर उठाते हुए कान से सटाएं और साथ मे अपने पूरे शरीर को बाएं की ओर झुकाए और साथ ही अपने बाएं हाथ को अपने पैर से सटाये ही नीचे की तरफ ले जाएं ।
      ध्यान रखें की इसमे तीनों क्रियाएं(दाहिने हाथ को ऊपर उठाना,अपने शरीर को बाएं झुकाना और बाएं हाथ को नीचे की तरफ ले जाना)एक साथ करें। 
    3. जितना नीचे झुक सकते हैं उतना ही ले जाएं। इसमे कुछ लोग अपने बाएं हाथ को घुटने से थोड़ा नीचे ले जा पाएंगे और कुछ लोग और भी नीचे तक जा पाएंगे। आपसे जितना हो सके उतना ही करें जबरदस्ती ना करें। 
    4. अब आप इस स्थिति मे आधा मिनट से एक मिनट तक बने रहे और सामान्य गती से सांस लें। इसके बाद आप सीधा हो जाएं और इसी क्रिया को उल्टा करें यानि की अब बाएं हाथ को ऊपर उठायें और दाहिने ओर झुकें। 
    5. शुरू मे इसे 5-10 बार करें फिर धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं। 
     
  4. चक्की चलनासन
    इसमे चक्की चलाने के जैसे अपने शरीर को गोल घूमना होता है इसलिए इसका नाम चक्की चलनासन है। यह सरल आसनों मे से एक है।इसे करने से पेट के निचले हिस्से पर जोर पड़ता है और उसका मसाज होता है इसलिए इस योग से पेट कम होने की अधिक उम्मीद है। 

    करने का तरीका 

    1. सबसे पहले आप जमीन पर दरी या मैट पर अपने दोनों पैरों को सीधा फैलाकर स्वयं भी सीधा बैठ जाएं।
    2. अब दोनों हाथों को कंधों की बराबर ऊंचाई पर सामने की ओर सीधा फैलाकर दोनों हाथ की उंगलियों को एक दूसरे मे फंसा लें और मुठ्ठी बना लें। 
    3. अब सांस अंदर भरते हुए अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को आगे की ओर ले जाएं और फिर दायें घुमाकर पीछे लाते हुए एक गोला बनाएं । 
    4. यह गोला बनाने की क्रिया को शुरू मे पाँच बार दोहराएं और जितनी बार आपने दायें घुमाकर गोला बनाया है उतनी ही बार फिर से बाएं घुमाकर भी गोला बनाएं।इस प्रकार आपका 10गोला पूरा हो जाएगा। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ाते जाएं।

      यह आसन करते समय पैरों को सीधा और स्थिर रखें।इसमे पैरों का कोई विशेष कार्य नहीं है। 
     
  5. सर्पासन या भुजंगासन
    सर्पासन 

    इस आसन मे हमारा शरीर सांप के आकार का हो जाता है,इसलिए इसे सर्पासन कहा जाता है। यह पेट के बल लेट कर करने वाला सरल आसन है। इसे करने से रीड़ की हड्डी से संबंधित दर्द मे आराम मिलता है।और साथ ही पेट पर तनाव होने से पेट के सभी अंग सक्रिय होते हैं और पेट कम करने मे सहायता करते हैं।  

    करने का तरीका 
    1. इसके लिए भूमि पर आसन बिछाकर पेट के बल लेट जाये और दोनों हाथ के पंजो को अपनी बांह के भुजाओ के पास जमीन पर रखें|अपने सिर को भी जमीन पर रखें | 
    2. अब हाथ के पंजो के सहारे अपने पेट के बल अपने सिर को ऊपर आसमान की तरफ उठाये चरम स्थिति मे नाभि तक उठाया जा सकता है,लेकिन आपसे जितना हो सके उतना ही करे|इसमे आपके पैरों का कोई काम नहीं है उन्हे जमीन पर सटा कर रखें।   
    3. शुरुआत में ज्यादा जोर न लगाए|जितने समय तक हो सके आप इस आसन में बने रहे उसके बाद सांस छोड़े और अपने सिर को धीरे धीरे जमीन पर लाये और फिर से ये क्रिया दोहराये |
       
  6. बालासन
    बालासन 

    बाल का अर्थ होता है बच्चा और इस आसन में आपको सिर्फ आराम करना होता है।यह आसन सभी आसनों को करने के बाद किया जाता है।इसमें शरीर को ढीला छोड़ दिया जाता।यह आसन तनाव के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    करने का तरीका  

    1. सबसे पहले दोनों घुटनो को मोड़कर घुटनो के बल बैठ जाये | 
    2. दोनों हाथ ऊपर उठाकर  सांस को अंदर भरते हुए  आगे की ओर झुके और अपने माथे को जमीन पर रखते हुए  आगे की तरफ लेट जाये और हाथ को जमीन पर सीधा रखें  |
    3.  यह सुनिश्चित करे की आपके हाथ सीधे हो और आपकी हथेलिया  जमीन की ओर लगी हो | आपकी छाती आपके जांघो और घुटनो के आगे वाले हिस्से से सटी होनी चाहिए | और आपका ललाट  जमीन  में सटा  होना चाहिए |
    4.  कुछ देर इस आसन  में बने रहे उसके बाद  सर उठा ले और सीधे बैठ जाये | फिर इसी क्रिया को 3 से 6 बार दोहराये |
                                                                       

योग शुरू करने से पहले कुछ सावधानी और तैयारी 

  1. कठिन आसन या प्राणायाम किसी योग जानकार से सलाह लेकर ही करें खासकर यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो। हालांकि आसान क्रियाएं आप कर सकते हैं। 
  2. खाना खाने से डेढ़ घंटा पहले या कम से कम 3-4 घंटे के बाद ही योग करें।खाना खाने के तुरंत बाद योग न करें। योग के लिए सबसे उचित समय सुबह खली पेट होता है। 
  3. योग आसन कभी भी जल्दीबाजी में न करें,और कोई भी आसन अपने सामर्थ्य से अधिक करने की कोशिश न करें। 
  4. योग करने के लिए हमेशा दरी या योगा मैट का इस्तेमाल करें।

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