पेट दर्द की सम्पूर्ण जानकारी।Stomach pain in hindi
वैसे तो पेट दर्द सभी के जीवन मे कभी ना कभी हो ही जाता है। लेकिन आज की जीवनशैली और खानपान की वजह से पेट की समस्या और अधिक बढ़ती जा रही है।
पेट दर्द अधिकतर सामान्य कारण जैसे गैस,बदहजमी की वजह से होता है लेकिन कभी-कभी ये खतरनाक बीमारी का संकेत भी हो सकता है।इसलिए आपको इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए की आपका पेट का दर्द कितने दिनों से है और कितना है।
यदि आपका पेट मे दर्द अधिक दिनों से है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और कारण के बारे मे पता करना चाहिए।हम इस लेख मे पेट दर्द के कारण और प्रकार पर बात करेंगे।इस लेख मे हम पेट दर्द के उपाय और घरेलू नुस्खे के बारे मे जानेंगे लेकिन इस बात ख्याल रखें की घरेलू नुस्खे सिर्फ सामान्य कारण के लिए अपनाना चाहिए।
पेट में दर्द होने के कारण।Pet me dard
पेट दर्द के सामान्य कारण के अलावा कुछ ऐसे भी कारण होते है जो उतने खतरनाक नहीं होते लेकिन कुछ कारण ऐसे भी होते हैं जो जानलेवा हो सकते हैं। पेट दर्द के बारे में गौर करने के लिए 2 बाते जरूरी हैं (1)पेट दर्द सिर्फ एक जगह हो रहा या कहीं भी हो रहा है (2) पेट दर्द नया है या पुराना इसी के आधार पर आपके डॉक्टर कोई निष्कर्ष या जांच की सलाह देंगे। तो चलिए जानते हैं कारण
पाचन संबंधित पेट दर्द के सामान्य कारण
पेट दर्द के कुछ कारण ऐसे होते हैं जो कुछ दिनों के लिए होते है और वो ठीक हो जाते हैं जैसे- बदहजमी
- गैस
- फूड पॉइज़निंग
- कब्ज
- दस्त
- इन्फेक्शन
ये आपको कुछ दिनों तक परेशान करते लेकिन समय पर दवा लेने से ठीक हो जाने वाले कारण हैं। इनके अलावा भी कुछ पाचन संबंधी कारण हैं जो पेट दर्द कर सकते हैं जैसे
ये करते समय इस बात का ध्यान रखें की पानी बहुत अधिक गर्म ना हो और यदि इससे आराम ना मिले तो अधिक देर तक नहीं करें,बल्कि अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
नोट: उपर बताए गए सभी पेट दर्द के घरेलू उपाय सिर्फ हल्के पेट दर्द के लिए है जो कभी भी गैस या अपच से हो जाती है। यदि आपको पेट दर्द की समस्या अधिक समय से हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से दिखाएं।दिए गए घरेलू उपचार का अत्यधिक सेवन न करें।
- Irritable bowel syndrome(संग्रहणी):ये बहुत ही विचित्र और परेशान करनेवाली बीमारी है। इसमे पाचन संबंधी सभी लक्षण जैसे कब्ज,दस्त और पेट दर्द कोई भी लक्षण आ सकते है।ये खतरनाक नहीं है लेकिन परेशान बहुत करती है।
- Crohn's disease:इसमें मुँह से लेकर गुदा तक कहीं भी सूजन या घाव हो सकता है।ये एक गंभीर बीमारी है।
- Gastroesophegeal reflux disease:पेट मे बनने वाला hydrochloric ऐसिड ऊपर आ जाता है और गले मे जलन होती है।
- Lactose intolerance:इसे आप दूध से एलर्जी भी कह सकते है।इसमे व्यक्ति दूध नहीं पचा पाता और दूध पीने के बाद पेट खराब होने के कई लक्षण आने लगते हैं।जैसे अपच,गैस,बदहजमी,दस्त।
ये तो हो गए पाचन से संबंधित पेट दर्द के बारे मे जानकारी लेकिन हम जैसा की जानते है हमारे पेट के हिस्से मे और भी महत्त्वपूर्ण अंग होते हैं जैसे
- लिवर
- पैनक्रियास
- गुर्दा
- अपेन्डिक्स
- प्लीहा(spleen)
- बच्चेदानी(ovary)
- मूत्राशय
- आंत
यदि इन अंगों मे किसी तरह की बीमारी होती है तो पेट दर्द की समस्या हो सकती है इसलिए आगे हम जानेंगे की कहाँ पर होने वाला पेट दर्द किस कारण से हो सकता है।
पेट मे कहीं भी रेंगते हुए दर्द का कारण
कभी-कभी पेट में कहीं भी दर्द शुरू हो जाता है या रेंगते हुए कभी यहाँ कभी वहाँ दर्द करता है।इसके पीछे जो भो संभावित कारण हो सकते हैं वो नीचे दिए गए हैं।
- अपेन्डिक्स मे सूजन(appendicitis)
- क्रोहन की बीमारी(crohn's disease)
- आईबीस(संग्रहणी)
- मूत्राशय की नली मे इन्फेक्शन(uti)
- पेट मे वाइरल इन्फेक्शन यानि(stomach flu)
नाभि के नीचे पेट दर्द का कारण
नाभि के नीचे आंत का हिस्सा होता है और महिलाओं में बच्चेदानी होती है।इन अंगों मे समस्या से नाभि के नीचे पेट दर्द तो हो ही सकता है लेकिन इनके अलावा यदि आस पास के अंगों मे भी कोई समस्या आती है तो भी पेट के निचले हिस्से मे दर्द हो सकता है।
- अपेन्डिक्स मे सूजन(appendicitis)
- किसी कारण से आंत मे रुकावट
- एक्टोपिक प्रेग्नेंसी
पेट के ऊपरी भाग मे होने वाले दर्द का कारण
पेट के ऊपरी भाग में दिल,फेफड़ा,पेट,लिवर और पैनक्रियास होता है। इसलिए इस हिस्से मे दर्द होना भी इन्ही अंगों में बीमारी के संकेत दे सकता है जो की नीचे दिए गए हैं।
- पित्त की पथरी
- हार्ट अटैक
- हेपेटाईटीस(लिवर मे सूजन)
- निमोनिया
पेट के बीच मे दर्द होने के कारण
पेट के बीच के हिस्से मे ये तो नहीं कहा जा सकता की कोई एक अंग ही है क्योंकि आस-पास के किसी भी अंग मे समस्या के कारण बीच मे दर्द हो सकता है।फिर भी कुछ संभावित कारण नीचे दिए गए हैं।
- अपेन्डिक्स मे सूजन(appendicitis)
- (stomach flu)
- चोट लगने से
बाईं ओर पेट दर्द होने का कारण।Left side stomach pain in hindi
बाईं ओर पेट मे दर्द होने से इस बात की संभावना होती है की बाईं ओर की अंगों मे कोई बीमारी या समस्या है।तो चलिए जानते हैं कि बाईं ओर कौन से अंग हैं।बाईं ओर पेनक्रियास,प्लीहा,बायाँ गुर्दा,ओवरी का बायाँ भाग होता है।इनमे नीचे दी गई बीमारी की संभावना हो सकती है।नीचे बाईं ओर पेट दर्द होने का कारण
- क्रोहन की बीमारी(crohn's disease)
- कैंसर
- गुर्दे मे इन्फेक्शन
- ओवेरीअन सिस्ट (ovarian cyst )
- अपेंडिक्स मे सूजन(appendicitis)
ऊपर बाईं ओर पेट दर्द होने का कारण
- प्लीहा बढ़ने के कारण
- चोट
- कैंसर
- हार्ट अटैक
- गुर्दे में इन्फेक्शन
- मल का अति कठोर होना जो की निकल न पा रहा हो
दाईं ओर पेट दर्द।Right side stomach pain in hindi
पेट के दाईं ओर पेट मे दर्द होने से इस बात की संभावना होती है की पेट के दाईं तरफ जो भी अंग हैं उन्हीं में बीमारी होगी। हालांकि यह पूरी तरह सही नहीं है।पेट के दाईं तरफ लिवर और अपेंडिक्स होते हैं। इनके अलावा आंत,दाहिना गुर्दा और ओवरी का दाहिना हिस्सा भी होता है।इसलिए दाहिने हिस्से मे दर्द होना नीचे दी गई बीमारियों का संकेत दे सकता है।
नीचे दायें ओर दर्द होने के कारण
- अपेंडिक्स मे सूजन
- हर्निया
- गुर्दे मे सूजन
- पेट की सर्दी
- कैंसर
ऊपर दायें ओर दर्द होने के कारण
- हेपेटाइटिस
- चोट
- नुमोनिया
- अपेंडिक्स में सूजन
पेट दर्द के प्रकार
- सामान्य पेट दर्द: यह पूरे पेट मे फैला हुआ सा दर्द होता है।यह अक्सर अचानक से आता है और एक दो दिन मे ठीक भी हो जाता है।यह ज्यादातर गलत खान पान की वजह से हुए गैस और अपच के कारण होता है।लेकिन कभी-कभी ये पेट मे सूजन का संकेत भी हो सकता है।
- स्थानीय पेट दर्द:यह पेट दर्द फैला हुआ नहीं होता है।यह आपके पेट के किसी हिस्से मे जैसे ऊपर,नीचे,दायें या बाएं कहीं पर भी हो सकता है।इस तरह का दर्द किसी बीमारी का संकेत हो सकता है इसलिए यदि एक ही स्थान पर दर्द बना हुआ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित इलाज कराएं।
- ऐंठन/मरोड़:इस तरह के दर्द अक्सर पेट मे गैस होने की वजह से होता है।यह पाचन संबंधी गड़बड़ी के कारण अधिक होता। दस्त मे भी मरोड़ वाला पेट दर्द हो सकता है।
- चुभना/गड़ना: इस तरह के दर्द या तो घाव या पथरी के संकेत देते हैं।पित्त की पथरी यदि नली मे फंस जाए तो काफी दर्द होता है। यह दर्द आते -जाते रहते हैं ।
पेट दर्द की जांच
पेट दर्द की समस्या होने पर जब आप डॉक्टर से मिलेंगे तो वो आपको निम्न जांच का सुझाव दे सकते हैं।ध्यान रखें की डॉक्टर से मिलकर ही जांच सुनिश्चित करें। यदि आप अपने मन से जांच कराते हैं तो हो सकता है आपको अधिक पैसा खर्च करना पड़ जाए और जरूरी जांच छूट जाए।
- अल्ट्रासाउन्ड: पेट दर्द मे आपको इस जांच की सुझाव दी जा सकती है।इसमे आपके शरीर के उन सभी अंगों को देखा जाता है जो पेट के हिस्से मे होते हैं।जैसे की लिवर,pancrease ,प्लीहा,गुर्दा,अपेंडिक्स,मूत्राशय,बच्चेदानी ।
- एन्डोस्कापी:इस जांच मे एक नली से आपके मुंह के रास्ते पेट और छोटी आंत के कुछ हिस्से तक देखा जाता है की उसमे कोई बीमारी तो नहीं।
- कोलोनस्कोपी:इसमे एक नली आपकी गुदा द्वारा अंदर डाली जाती जाती है और आपकी बड़ी आंत को देखा जाता है की उसमे कोई बीमारी तो नहीं।
- रक्त जांच:आपको कई तरह की रक्त जांच कराई जा सकती है ताकि आपकी बीमारी के बारे मे पता लगाया जा सके।
पेट दर्द का घरेलू उपचार
इलायची
3 से 4 छोटी इलायची को अच्छी तरह से कूट लें और एक गिलास पानी मे डालकर कर किसी बर्तन मे रखकर गैस पर उबलने के लिए छोड़ दें।जब पानी आधा बचे तब गैस बंद कर दें और थोड़ा सा ठंडा होने दें।जब पानी गुनगुना जितना गर्म हो तब पिला दें।ध्यान रखें की पानी अधिक गर्म हो तो पीने न दें जब तक की गुनगुना ना हो जाए।
गैस की वजह से होने वाले पेट दर्द मे यह बहुत ही लाभदायक है और बहुत ही अच्छा परिणाम देखने को मिलता है।
पुदीना
वैसे तो आप पुदीना से भली भांति परिचित होंगे लेकिन फिर भी जिन लोगों को नहीं पता वो जान लें। पुदीने का रस(10 mg) ,शहद (10 mg), नींबू का रस (2.5 mg) ,चार चम्मच सादा पानी इन सभी को अच्छी तरह मिलाकर पी लें। इससे आपके पेट दर्द मे आराम मिलेगा।
अदरक
अदरक सेवन करने के कई तरीके हैं।अदरक पेट की अग्नि को अच्छा करता है।इसे सेवन करने का सबसे आसान तरीका है की इसे चाय मे इस्तेमाल करें।चाय बनाते समय अदरक को कूटकर कर उसमे डाल दें और कुछ देर उबलने के बाद कप में छान लें । अब उसमें थोड़ी सी नींबू निचोड़ लें और चाय का आनंद लें।
इसमे नींबू और अदरक दोनों मिलकर काफी अच्छा असर दिखाएंगे।
इसमे नींबू और अदरक दोनों मिलकर काफी अच्छा असर दिखाएंगे।
गर्म पानी या पैड (1)
इस घरेलू नुस्खे मे आप किसी बोतल मे गर्म पानी भर लें उसके बाद लेटकर उसे अपने पेट पर घुमाएं।इससे आपके पेट की मांशपेशियों को आराम मिलेगा और आपको पेट दर्द मे आराम होगा।ये करते समय इस बात का ध्यान रखें की पानी बहुत अधिक गर्म ना हो और यदि इससे आराम ना मिले तो अधिक देर तक नहीं करें,बल्कि अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
नोट: उपर बताए गए सभी पेट दर्द के घरेलू उपाय सिर्फ हल्के पेट दर्द के लिए है जो कभी भी गैस या अपच से हो जाती है। यदि आपको पेट दर्द की समस्या अधिक समय से हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से दिखाएं।दिए गए घरेलू उपचार का अत्यधिक सेवन न करें।
पेट दर्द का इलाज
पेट दर्द कई तरह के हो सकते हैं जैसे की तेज या हल्का पेट दर्द,रेंग कर दर्द होना या एक ही जगह दर्द होना।लेकिन पेट दर्द के इलाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आपके डॉक्टर की होती है।
यदि आपका पेट दर्द कई दिनों से हो रहा है और आपको कारण समझ नहीं आ रहा तो सबसे पहले आप पेट के डॉक्टर से संपर्क करें। लोग किसी भी डॉक्टर के पास छाले जाते हैं और वहाँ यदि उनके पेट दर्द का कारण नहीं पता चलता तो वो इधर उधर घूमते रह जाते हैं और अपने पैसे बर्बाद कर लेते हैं।
इसलीये यह जरूरी है की आप एक अच्छे और पेट के डॉक्टर से संपर्क करें।
पेट दर्द से बचने के उपाय
यदि आपको पेट दर्द की समस्या पाचन कमजोर होने और गैस होने की वजह से हो रही है तो आप आपने खान पान और दिनचर्या में बदलाव करके इससे छुटकारा पा सकते हैं।लेकिन इस बात का ध्यान रखें की आपको पेट दर्द की समस्या पाचन कमजोर होने से ही है।यदि आपको ये समझ नहीं आ रहा की आपको ये समस्या क्यों हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर उसका पता करें।
गैस,बदहजमी और पाचन संबंधी समस्या से बचने के लिए आप नीचे दिए गए उपाय कर सकते हैं।
गैस,बदहजमी और पाचन संबंधी समस्या से बचने के लिए आप नीचे दिए गए उपाय कर सकते हैं।
- हर दिन व्यायाम करें,सबसे आसान है चलना या आप अपनी सुविधा के अनुसार कोई भी व्यायाम कर सकते हैं।
- खाने मे फ़ाइबर वाली चीजें जैसे,फल,सब्जी,अनाज का भरपूर सेवन करें।इनसे आपका पेट अच्छे से साफ होगा और पेट की बीमारी भी दूर रहेगी।
- खाने में तेल की मात्रा पर विशेष ध्यान दें,बहुत अधिक तेल खाने से बचें।
- हर दिन मौसम के अनुसार भरपूर पानी पिना चाहिए।लेकिन ऐसा देखा गया है की कुछ लोग बहुत अधिक पीने लगते हैं और कुछ लोग बिल्कुल ही कम पानी पीते हैं।इन दोनों से बचते हुए आपको 2से 4 लीटर पानी मौसम के अनुसार पिना चाहिए।



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